Ud Ud Re Man Dev Lok Me
(लय- उड़ उड़ रे म्हारा काला रे कांगला) उड उड रे -३मन देवलोक में ,भिक्षु रा दरशण कर आवा-२ १.गाँव कंटालिये म अवतरियो ,ज्ञान सुधास्यू घटने भरियो सुधरी स्यू निज पथ न वरियो, उण पथ म्हे चलता जांवा भिक्षु रा दरशण कर आवा-२ ② आगम ने आधार बणायो शुद्ध साध रो रुप जणायो तेरा पंथ […]