Tapasya (तपस्या)

Bhachya, Tapsya Geet

Koi Khel Nahi Hai Karna Tap Aradhana,

(तर्ज: कब तक चुप बैठे,) कोई खेल नही है, करना तप-आराधना  तन-मन रसना को वश  करना, और साधना, 4-2  जो साधे, निश्चित पाता मुक्त्ती धाम ना,  सुख साधना- आराधना। तपस्वी तेरी हिम्‌मत, बेजोड़ अनोखी निराली ,जिन-शासन को चमकाया  गुरु किरपा पक्की जिसकी    है धारना, सुख साधना, आराधना  श्रीसंघ की शान बढाई, परिवार में खुशीया […]

Bhachya, Tapsya Geet

Melo Tapsya Ro

मेलो तपस्या रो (तर्ज : धरती धोरां री) मेळो तपस्या रो, मेळो तपस्या रो, मेळलो तपस्यो रो ।। ध्रुव ।। ओ तो दरियो ज्यूं लहरावै-२, देखण लोग हजारां आवै, सागै साध्यां ने भी ल्यावै ।।१ ।। इण स्यूं मिलै प्रेरणा भारी-२, मिलजुल आवै सब नर-नारी, कैसी खिली धर्म फुलवारी ।।२।। बिना बुलायां सगळा आवै-२, मन

Bhachya, Tapsya Geet

Aao Hum Aaj Kare Tapsya Ka Abhinandan

(तर्ज : होठों को छू लो तुम) आओ हम आज करें, तपस्या का अभिनन्दन । तप ज्वाला में तपकर काया बनती कुन्दन ॥ ध्रुव ॥ अठाई तप करना, आसान नहीं कोई।  तप धारा में बहना, आसान नहीं कोई। तन मन की मजबूती, से शोभे तप आसन ॥१ ॥ मुक्ति की राहों मेंतपबहुत जरुरी है,  अध्यात्म

Bhachya, Tapsya Geet

Aisi Chundar Lana Bhaiya, Tapsya

ऐसी चूंदड लाना भैया तर्जः (देना है तो दिजिये) ऐसी चूंदड लाना भैया, मेरे लिए तुम आज-२,  जिसे ओढ के पल में होवे-२, मुझको केवल ज्ञान, ऐसी चूंदड लाना भैया.. १) भक्ताम्बर की सुन्दर झालर, चारो ओर लगाना  तुम, महामंत्र के चौसठ अक्षर, पल्लू में बंधवाना तुम, जिसे ओढ के स्वाध्याय कर लू-२, तेरी बहिना

Bhachya, Jain Bhajan, Tapsya Geet

Mahima Jain Dharm Ki,

सुर में गाऊं ,सरगम में गाऊं, गा गा के सुनाउ सबको-२ महिमा जैन धर्म  की ,सबको – २  आदिनाथ हैं, जिनका पालीताणा हैं उनका धाम नाम धाम ऐसे आदिनाथ को वंदन बारम्बार हैं। सुर– नेमिनाथ हैं, जिनका नाम गिरनार उनका द्याम  ऐसे नेमिनाथ को वंदन बारम्बार हैं। सुर– शान्तिनाथ हैं जिनका नाम हैं हस्तिनापुर हैउनका

Bhachya, Tapsya Geet

Chhai Khushiya Beandaj

छाई खुशियां बेअंदाज (लय – कितना बदल गया इन्सान)  रचयिता – नचिकेता मुनि आदित्य कुमार छाई खुशियां बेअंदाज । कुल पर कलश चढ़ाया तुमने, तुम पर हमको नाज ।। तप की महिमा प्रभु ने गाई, तप की महिमा गण में छाई। रोग-शोक बाधा विघ्नों का, तप है सहज ईलाज ।। छाई खुशियां…. साहस से जो

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Sanso Ka Kya Bharosa,

भजन (लय – यूही कोई मिल गया था सरे राह चलते -2) सांसो का क्या भरोसा- २ रुकजाये चलते चलते -2 जीवन की है जो ज्योति -२ बुझ जाये जलते जलते 2 सांसों का क्या भरोसा — -जीवन है चार दिनका -2 दो दिन की हैज‌वानी-2 जब आयेंगा बुढापा -२थक जाये चलते चलते  सांसो का

Panjabi Bhajan, Satsang

Banda Janda Hoya Bhi Nahi O Janda, satsang

सत्संग गीत पंजाबी  बंदा जानदा होंदा भी नयो जानदा – 2  ओकिता कीमती है चोला इन्सान दा-2  जद माँ के गर्व विच आया सी-2  तेनु उल्टा कर लटकाया सी-2  हाथ जोड़ जोड़ अरजा गुबारदां-2  हो‌या हुकुमते आया जदो बाहर सी-2  ओ अखां खोलियां ते देखया संसार सी-२  हुण किते होये वादे नु, पुलामदां – 2

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Kabhi Pyase Ko Pani Pilaya Nahi

कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं , बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा, कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद आंसू बहानेसे क्या फायदा कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं  बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा  मैं तो मंदिर गया पूजा आरती की  पूजा करते हीमन मे ख्याल आ गया,  कभी मां-बाप की सेवा की

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Mhane Mukti Su /ho Santa/swarga Su /aayo Telephone

म्हाने मुक्ति सु / हो सन्ता/स्वर्गा सु आयो टेलीफोन बुलाओ ,आयो राम रो, म्हाने स्वर्गा से आयो टेलीफोन बुलाओ आयो राम रो 1,एक मिनट प्रभु म्हाने  दिज्यो  करूबेटा सु बात2 तिजोर्या मे धन भर्यियो है,चारु थे लिज्यो थे बाट  2,एक मिनिट प्रभु म्हाने दिजयो, करू बहुआं सुबात 2 सिंदुका मैं कपड़ो भरयो है, देरान्या, जेठान्या

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