Tapasya (तपस्या)

Mahapragy Bhajan

Mahapragy Guruvar Jivan Ka Sringar Hai

(तर्ज : खड़ी नीम के नीचे) महाप्रज्ञ गुरुवर जीवन श्रृंगार है। आज समर्पित श्री चरणो में भक्ति भरा उपहार है। १. जन्मोत्सव की मंगल घड़ियां खुशियां छाई कण कण में। दशों दिशाएं पुलकित आई नई चेतना जन जन में। श्रद्धा से श्रद्धा से, झंकृत वीणा के तार हैं ॥ २. एक-एक पर गुरुवर ने वात्सल्य […]

Acharya Tulasi

Jhumar Kul Ke Bhal

झूमर कुल के भाल(तर्ज : ना कजरे की धार) मां वदनां के लाल, श्री झूमर कुल के भाल । ले कर में शांति मशाल, तुमने ज्योति जलाई है। गुरुवर राह दिखाई है। १. गरिमामय तेरा जीवन, है जिसकी अकथ कहानी । अभियान तुम्हारे नूतन, कण कण में अमिट निशानी । करे भक्ति, मिले शक्ति, हो

Acharya Tulasi

Tulasi Tumko Karte Hai Har Pal Naman

तुलसी तुमको करते हैं  (तर्ज : बहुत प्यार करते) तुलसी ! तुमको करते हैं हर पल नमन। हमें शक्ति दे दो, मिलेगा अमन ॥ १. तुम्हारी नजर में, जिन्दगी हमारी। हमारे सफर में, दिशाएं तुम्हारी। बढ़ेंगे सदा हम, दिल की लगन ॥ २. तुम्हारी शरण है, हमारा सहारा। जग को मिलेगा, तुम्हीं से उजारा। प्रेम

Adinath, Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Avasar Aaya Hai, Akshay Tritiya

अवसर आया है अवसर आया है अवसर आया है अक्षय तृतीया आज मनाएं तप की महिमा खूब बढ़ाएं प्रभु चरणों में भेंट चढ़ाएं १. मरुदेवा पाता के नन्दन। नाभिराज के तुम कुल चन्दन। श्रद्धा से हम करते वन्दन ॥ २. कर्म भूमि के प्रथम प्रणेता। प्रथम महीपति, युग के नेता। वने प्रथम मुनि आत्म विजेता

Tapsya Geet, Varshitap

Akshay Tritiya Ka Su Pawan Parv Aagaya

अक्षय तृतीया का सुपावन पर्व आ गया ।  दे रहा-२, संदेश तप का हर्ष छा गया ॥ १. प्रथम तीर्थकर ऋषभ भगवान मुनि बन कर।  आहार पानी के लिए वे घूमते घर-घर।  अन्त में-२, श्रेयांस सारा राज पा गया ॥ २. मात्र भिक्षा ग्रहण करना चाहते बाबा।  लोग देते जो, नहीं वो चाहते बाबा । 

Guru Bhakti Bhajan

Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena

तर्ज : ऐ ! मेरे दिले नादान….. गुरूदेव दया करके, मुझको अपना लेना। मैं शरण पड़ा तेरी, चरणों में जगह देना।। करूणा निधि नाम तेरा, करूणा दिखला जाओ, सोये हुये भाग्यों को, हे! नाथ जगा जाओ, मेरी नाव भंवर डोले, इसे पार लगा देना ।।1।। गुरूदेव दया करके. तुम सुख के सागर हो, निर्धन के

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Jeevan Ka Bharosa Nahi, satsang

(तर्ज : मैया नवरातों में…..) जीवन का भरोसा नहीं, कब मौत आ जायेगी, काया और माया तेरी, तेरे साथ ना जायेगी।। काया पे गूमान ना कर, ये तो माटी का खिलौना है, तेरा चाहा होना नहीं, लिखा भाग्य का होना है, तेरा और मेरा छोड़ – 2, जीवन ज्योति बूझ जायेगी ।। 1 ।। दौलत

Bhachya, Tapsya Geet

Cocakola Tamatar Aalu Chhola

कोका कोला टमाटर आलू छोला, इन सब का त्याग है देखो तपसण के आज उपवास है। वो मारासा आएं, वो पचखाण कराएं, वो मांगलिक सुनाए, इन सब का का ठाठहै हे, देखो तपसण के आज उपवास है वो सुसरासा आए, वो सासुजी आए वो चौबीसी सुनाएं, इन सब का ठाठहै देखो 3 बो जेठसा आए,

Bhachya, Tapsya Geet

Tap Ki Jyoti Me Tapkar Atma Banti Hai Kundan,

तप की ज्योति में तपकर (लय: कल्पतरू रा बीज फल्या) रचयिता : साध्वी निर्वाणश्रीजी तप की ज्योति में तपकर, आत्मा बनती है कुन्दन। तप की महिमा है भारी, तप से टूटे अघ बंधन ।। है धर्म निर्जरा संवर, मिलती मंजिल मनचाही,  टूटे बेड़ी कर्मों की, मिट जाए भव की त्राही।  लक्षित मग में गतिमय हो,

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Aaya Shubh Avsar Ye Aao Kare Bahuman

(लय-मुझसे जुदा होकर) आया शुभ अवसर ये, आओ करे बहुमान ।  अभिनंदन वर्षीतप का, गाएं मिलकर गुणगान। । वंदना, तप को मेरी वंदना साधना तप है कठिन साधना 1. वर्षीतप का तप है, तपस्या का रंग चढ़े,  भाभी वर्षीतप कर, दो कुल पर कलश चढ़े  तू धार सके तो धार, तप है जीवन का सार

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